शिमला/कुल्लू। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में मौसम के कई रंग देखने को मिले। कुल्लू जिले के निरमंड ब्लॉक के नगेड़ गांव के ऊपर जोत क्षेत्र की पहाड़ियों पर मंगलवार दोपहर भारी बारिश के बीच अचानक बादल फटा। बादल फटने से आई बाढ़ से नगेड़ खड्ड में पानी का बहाव बढ़ गया। नगेड़ खड्ड छलीर के पास कुर्पन खड्ड में मिलती है, इससे कुर्पण खड्ड भी उफान पर आ गई। हालांकि, इसमें जाल-माल का नुकसान नहीं हुआ है। वहीं पहले से आपदा की मार झेल रहे शिमला जिले के समेज में मंगलवार को मोहाली खड्ड में भारी बारिश से बाढ़ आ गई। इससे खड्ड पर बना अस्थायी पुल बह गया। पुल बहने से लोगों की आवाजाही बंद हो गई। मोहाली खड्ड में आई बाढ़ से समेज खड्ड में भी पानी बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से तटीकरण का कार्य भी प्रभावित हुआ है। इन खड्डों के उफान पर आने से लोगों में फिर से दहशत पैदा हो गई। लोगों को साल 2024 की बाढ़ की याद दी। समेज-सरपारा सड़क पर भी भूस्खलन हुआ, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।
शिलागढ़ क्षेत्र में बादल फटा
कुल्लू जिले की गड़सा घाटी के शिलागढ़ क्षेत्र में बादल फटा है। इस कारण पंचा नाला, पुलिया नाला में बाढ़ आ गई। पूरी गड़सा घाटी में दहशत का माहाैल रहा। हालांकि, पूरी घाटी में मंगलवार को मौसम सुबह से ही साफ था लेकिन गड़सा के ऊपरी क्षेत्र के साथ तीर्थन घाटी में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। इसमें रहोगी को जोड़ने वाला एक पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे करीब 10 घरों का संपर्क कट गया है। तहसीलदार भुंतर नितेश ठाकुर ने कहा कि गड़सा नाला में बाढ़ आई है और सूचना मिली है कि बादल फटने से नाले का जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुट गया है।