वृक्षारोपण अभियान के साथ भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बिखेरी अपनी प्रतिभा की छटा
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और पारंपरिक आदर्शों पर हुआ तीखा और तार्किक संवाद
सोलन, 8 जुलाई 2026: गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में आज शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायी समन्वय देखने को मिला। विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण, प्रभावी अभिव्यक्ति तथा तार्किक चिंतन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विविध शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। इन आयोजनों में विद्यार्थियों की ऊर्जा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास ने पूरे परिसर को उत्साह एवं सकारात्मकता से सराबोर कर दिया।
नन्हे हाथों ने रोपे भविष्य के पौधे
कार्यक्रम का शुभारंभ बाल वाटिका से कक्षा 2 तक के नन्हे विद्यार्थियों द्वारा “एक पेड़ विद्यालय के नाम” गतिविधि के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण अभियान से हुआ। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पूरे उत्साह और आनंद के साथ पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपने प्रेम एवं जिम्मेदारी का परिचय दिया। इस अवसर पर बच्चों को बताया गया कि प्रत्येक पौधा भविष्य की स्वच्छ हवा, हरियाली और जीवन का आधार है। बच्चों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
‘बढ़ेंगे पेड़, बढ़ेगी समृद्धि’ पर ओजस्वी भाषण
इसके पश्चात कक्षा 5 से 8 के विद्यार्थियों के लिए ‘बढ़ेंगे पेड़, बढ़ेगी समृद्धि’ विषय पर भाषण (Elocution) प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यालय के चारों सदनों—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद—के प्रतिभागियों ने ओजस्वी वाणी, प्रभावशाली प्रस्तुति तथा सारगर्भित विचारों के माध्यम से वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास का सशक्त संदेश दिया।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर छिड़ा वैचारिक युद्ध
इसी क्रम में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए एक बेहद समसामयिक विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का विषय था—”क्या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने पारंपरिक आदर्श व्यक्तित्वों का स्थान ले लिया है?” प्रतिभागियों ने इस विषय के पक्ष एवं विपक्ष में तथ्यपूर्ण, तार्किक एवं प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिया। दोनों पक्षों के प्रतिभागियों ने एक-दूसरे के तर्कों पर सार्थक प्रश्न उठाकर अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता और उत्कृष्ट वाक्-कौशल का परिचय दिया।
प्रधानाचार्या का संदेश: प्रकृति ही सबसे बड़ी शिक्षक है
इस अवसर पर प्रधानाचार्या महोदया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “आज लगाया गया एक पौधा केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। प्रकृति हमारा सबसे बड़ा शिक्षक है और उसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य है। आप सभी विद्यार्थी अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधे की जिम्मेदारी अवश्य लें। आइए, हम सब मिलकर हरित, स्वच्छ और समृद्ध भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।”
सामूहिक संकल्प के साथ समापन
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता, शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन एवं विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। समापन पर सम्पूर्ण विद्यालय परिवार ने “एक विद्यार्थी–एक पौधा, एक संकल्प–हरित भविष्य” का संकल्प दोहराते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने का संदेश दिया।