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शिमला/कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर से अपनी रफतार पकडऩे वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने का पूर्वानुमान जारी किया है। सबसे अधिक 19 जुलाई से 23 जुलाई के बीच की है। इस दौरान प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने और बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी पूरी तैयारी रखने और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी। इसके बाद अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस मानसून के दौरान किन्नौर में बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले वर्षों में भी मानसून के समय बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है।

ऐसे में मौसम विभाग ने आगामी दिनों के पूर्वानुमान को गंभीरता से लेने की सलाह दी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मानसून कमजोर था, लेकिन 18 जुलाई से इसकी सक्रियता फिर बढऩे की संभावना है। उनके अनुसार 18 से 23 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर तेज रहेगा। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश में मानसून लगभग निष्क्रिय रहा। इस अवधि में केवल शिमला जिले के सराहन में 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई। बुधवार को ऊना प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

18 जुलाई को 5 जिलों में अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 18 जुलाई को मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 जुलाई को चंबा, शिमला, मंडी और कांगड़ा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ओरेंज अलर्ट रहेगा। इसी दिन हमीरपुर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर और कुल्लू में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है।

20 जुलाई को भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट

20 जुलाई को चंबा, कुल्लू, शिमला, मंडी और कांगड़ा जिलों में एक बार फिर भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं हमीरपुर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि 21 जुलाई से 23 जुलाई तक राज्य के मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा, जबकि निचले और मैदानी इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़, सडक़ें बंद होने और नदी-नालों का जलस्तर बढऩे जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहेगी।

कहां रहा कितना तापमान

गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देहरा गोपीपुर में न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। इसके बाद पांवटा साहिब 26, नेरी 24.9, बिलासपुर 24, हमीरपुर 23.7, मंडी 23.5, ऊना और कांगड़ा 23, नाहन 22.9, सुंदरनगर 22.8, चंबा 21.6, भुंतर 20.8, सोलन 20.2, धर्मशाला 19.8, पालमपुर 19, शिमला 17.8, मनाली 17.1, रिकांगपिओ 16.8, कुफरी 15, नारकंडा और भरमौर 14, कल्पा 13.4, तबो 11.3, केलांग 10.4 और कुकुमसेरी 9.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

मौसम की जानकारी रखने को दी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से अगले कुछ दिनों तक मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने, प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की अपील की है। विशेष रूप से ओरेंज अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

By admin

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