शिमला। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा से हर जीता हुआ उम्मीदवार जय श्रीराम का नारा लगाता है। पंचायत चुनाव भगवान जी का नहीं था। भाजपा के लोग जय श्रीराम का नारा देते हुए चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दो लोगों के बीच का चुनाव है। अगर जय करनी है तो लोकतंत्र की करें, जो व्यक्ति जीता है, उसकी जय करें। नेगी ने कहा कि जय श्रीराम कहां से आ गया। इस तरह भगवान राम को बीच में लाना सही नहीं है। अगर जय श्रीराम का नारा देते हुए करेंगे तो देश में लोकतंत्र को खतरा पैदा करेंगे। नेगी ने यह बात गुरुवार को राज्य सचिवालय शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। नेगी ने कहा कि भाजपा महज चार नगर निगम चुनाव को सेमीफाइनल कह रही है, मगर यह तो क्वार्टर फाइनल भी नहीं है। सभी नगर निगमों में चुनाव होते तो इसे क्वार्टर फाइनल कहते। उन्होंने कहा कि भाजपा का इस तरह की बात करना असली मुद्दों से जनता का ध्यान बंटाना है।
भाजपा के नेता नगर निकायों और पंचायत चुनाव को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अलावा अन्य नगर निकायों की बात करें तो कांग्रेस की भारी जीत हुई है। उन्होंने कहा कि कुल पंचायतों की बात करें तो 2400 प्रधान और 2600 उपप्रधान ऐसे हैं, जो कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि भाजपा से पूछें कि मनरेगा को क्यों कमजोर किया गया है। केंद्र की भाजपा सरकार ने तो मनरेगा जैसी आम आदमी से जुड़ी योजना को भी खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव पार्टी चिह्न पर नहीं हुए हैं। ऐसे में भाजपा गलत दावेदारी कर रही है। नेगी ने कहा कि जिला परिषद के चुनाव भी चुनाव चिह्न पर नहीं करवाए गए हैं। यह कहना गलत है कि यह सभी लोग भाजपा के जीते हैं। नगर निकायों में भी कांग्रेस की भारी जीत हुई है। भाजपा के लोग तो आजादी के भी खिलाफ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लोग तो अंग्रेजों को ही सही मानते थे। कांग्रेस विचारधारा के लाखों लोगों ने कुर्बानी दी। भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद से लेकर कई क्रांतिकारियों ने अपने जीवन का बलिदान दिया। उसके बाद आजादी मिली और पंचायत और नगर निकायों की व्यवस्था हुई।