शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर पंचायतीराज विभाग ने नई अधिसूचना जारी करते हुए आरक्षण से जुड़े दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं। सरकार ने पूर्व प्रावधानों में संशोधन करते हुए नियम 28, 87, 88 और 89 में नए प्रावधान जोड़े हैं। अधिसूचना के अनुसार आरक्षण की गणना वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर की जाएगी, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 1993-94 के सर्वेक्षण आंकड़े मान्य होंगे। नए नियमों के तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के कुल पदों में से 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे जाएंगे।
अब दो कार्यकाल से आरक्षित सीटों को ओपन करने का फैसला लागू नहीं होगा
आरक्षण रोस्टर में अनुसूचित जाति (एससी) को प्राथमिकता दी जाएगी, इसके बाद अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षण लागू होगा। यदि किसी पंचायत या वार्ड में संबंधित वर्ग की जनसंख्या पांच प्रतिशत से कम है, तो वहां उस वर्ग के लिए आरक्षण लागू नहीं किया जाएगा। इसके अलावा पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर ओबीसी वर्ग को उनकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकतम 15 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाएगा। अनुसूचित क्षेत्रों में अध्यक्षों के सभी पद अनिवार्य रूप से अनुसूचित जनजाति के लिए ही आरक्षित रहेंगे, जिससे इन क्षेत्रों में जनजातीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। इस नई अधिसूचना के साथ ही अब दो कार्यकाल से आरक्षित सीटों को ओपन करने का फैसला लागू नहीं होगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठक में लगातार दो टर्म से आरक्षित सीटों को ओपन करने का फैसला लिया था।