शिमला। प्रदेश में त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। रक्षाबंधन के साथ शुरू होने वाले त्योहारों के दौर में जहां बाजारों में मिठाई और पकवानों की मांग बढऩे वाली है, वहीं चीनी के दामों में तेजी ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। राजधानी शिमला के थोक बाजार में सिंगल रिफाइंड चीनी का भाव 6300 रुपए प्रति क्विंटल, जबकि डबल रिफाइंड चीनी 6600 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। थोक भाव बढऩे के बाद खुदरा बाजार में भी चीनी करीब 65 से 70 रुपए प्रति किलो बिक रही है। त्योहारों के दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।
रक्षाबंधन के बाद श्राद्ध पक्ष और फिर नवरात्र, दशहरा और दीपावली तक घरों में खीर, हलवा, लड्डू सहित विभिन्न पकवान बनने के साथ मिठाई की दुकानों पर भी मांग बढ़ेगी। ऐसे में मौजूदा कीमतों ने उपभोक्ताओं के साथ-साथ मिठाई कारोबारियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
मिठाई भी हो सकती है महंगी
चीनी मिठाई निर्माण में इस्तेमाल होने वाला प्रमुख कच्चा माल है। इसके महंगा होने से मिठाई कारोबारियों की उत्पादन लागत बढ़ रही है। यदि चीनी के दाम इसी स्तर पर बने रहे या आगे और बढ़े, तो इसका असर मिठाइयों की कीमतों पर पडऩा तय माना जा रहा है।
रक्षाबंधन पर दिखेगा असर
पहले से महंगाई का सामना कर रहे परिवारों के लिए त्योहार अतिरिक्त खर्च लेकर आते हैं। रक्षाबंधन पर मिठाई और पकवान, नवरात्र में प्रसाद और पूजा सामग्री तथा इसके बाद दशहरा और दीपावली की खरीदारी के बीच चीनी के बढ़े दाम घरेलू बजट को और प्रभावित कर सकते हैं।