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शिमला। केंद्र सरकार ने हिमाचल के तीन नेशनल हाईवे को एनएचएआई के हवाले कर दिया है। इसके चलते अब इन तीनों राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचएआई की रहेगी। इन तीन हाईवे की कुल लंबाई 278 किलोमीटर है। इससे पहले इन सडक़ों के संचालन का जिम्मा प्रदेश के लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने हिमाचल के राष्ट्रीय राजमार्ग-503 के तहत ऊना से रानीताल तक 99 किलोमीटर सडक़ जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपी है।

यह मार्ग प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों को कांगड़ा और अन्य महत्त्वपूर्ण इलाकों से जोड़ता है। वहीं, चंबा जिले के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पठानकोट -चंबा-भरमौर मार्ग का संचालन भी एनएचएआई को दे दिया गया है। इस नेशनल हाईवे की लंबाई 172 किलोमीटर है। इसी तरह अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-907 के पांवटा साहिब के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग-7 से हिमाचल प्रदेश-पंजाब सीमा तक के करीब सात किलोमीटर हिस्से का संचालन भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा।

प्रदेश में बढ़ेगा राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन का दायरा

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया का कहना है कि प्रदेश में एनएचएआई पहले से कई महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों का संचालन कर रहा है। इनमें परवाणू-शिमला, पिंजौर-बद्दी-नालागढ़, कीरतपुर-मनाली, शिमला-मटौर और पठानकोट-मंडी राजमार्ग शामिल हैं। अब तीन और राष्ट्रीय राजमार्गों के जुडऩे के बाद प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन का दायरा और बढ़ जाएगा। अहम है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन आने के बाद इन मार्गों पर सडक़ मरम्मत, रखरखाव, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को अधिक व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सकेगा।एनएचएआई का कहना है कि नेशनल हाइवे के अधिग्रहण से बेहतर यातायात, सडक़ सुरक्षा एवं क्षेत्रीय संपर्कता में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही मार्गो के विकास एवं रखरखाव को भी अधिक मजबूत किया जा सकेगा।

By admin

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