बड़सर। मुख्यमंत्री सुक्खू ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार प्रदेश में बीपीएल परिवारों को दिए जा रहे किसी भी लाभ को न तो कम करेगी और न ही वापस लेगी। सीएम ने कहा कि कि लोगों से बातचीत के दौरान कई ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बारे में जानकारी मिली है, जिनके नाम बीपीएल सूची में शामिल नहीं थे। बड़सर में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बीपीएल में लगभग 19 लाख में से 1.80 लाख परिवारों की पहचान ऐसे परिवारों के रूप में की गई, जिन्हें सरकार से अधिक सहायता और ध्यान की आवश्यकता है। इन परिवारों का चयन उपायुक्तों के माध्यम से किया गया है और उनके द्वारा अंतिम सूचियां भी अधिसूचित कर दी गई हैं। इन परिवारों के लिए राज्य सरकार दो अक्तूबर से ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू करेगी।
इसके तहत अगले दो वर्षों में इन परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि अगले दो माह के भीतर योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार की आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने के साथ-साथ राज्य सरकार बागबानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो एक समर्पित बागबानी नीति लागू करेगा। इससे लगभग 82,200 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उ मीद है। उन्होंने कहा कि सेब की पैकेजिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य करने से हजारों बागबानों को पहले ही लाभ मिलना शुरू हो गया है।
चिट्टा मुक्त अभियान का दूसरा चरण सात सितंबर से
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के सक्रिय सहयोग और समर्थन से हमारी सरकार ने ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया है। अभियान का दूसरा चरण सात सितंबर, 2026 से ऊना से शुरू किया जाएगा। जल्द ही ‘खेलो हिमाचल, चिट्टा-मुक्त अभियान’ भी शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से युवाओं को खेलों से जुडऩे और स्वस्थ एवं उत्पादक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किए गए हैं।
चिंतपूर्णी के साथ बाबा बालक नाथ मंदिर में रोप-वे बनाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंडी जिले में माता बगलामुखी रोप-वे जनता को समर्पित किया गया है। चिंतपूर्णी मंदिर और बाबा बालक नाथ मंदिर में भी रोपवे का निर्माण किया जाएगा, जबकि मंडी में शिव धाम का कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। सीएम ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके चलते प्रदेश में ईको टूरिज्म पॉलिसी भी लागू की जा रही है।
युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी और योग्यता आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हजारों युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्रदान किया है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करने की आवश्यकता है, जहां एक परिवार अपने गांव में रहकर प्रतिमाह 20,000 से 25,000 रुपए तक कमा सके। इसी उद्देश्य से ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की हमारी सोच के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डॉक्टरों को भी विदेश भेजेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए विदेश भेजा गया है। विद्यार्थियों के अलावा 200 शिक्षकों को भी वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का अध्ययन करने और उन्हें हिमाचल प्रदेश की शिक्षा प्रणाली में अपनाने के तरीकों का पता लगाने के लिए विदेश भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में राज्य सरकार स्कूलों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों के मेधावी विद्यार्थियों के साथ-साथ डॉक्टरों के लिए भी विदेश में शैक्षणिक भ्रमण की सुविधा उपलब्ध करवाएगी। प्रदेश सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। लोगों को ही प्रदेश में ही बेहतर बेहतर इलाज उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
समारोह में ये रहे उपस्थित
समारोह में राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, सुरेश कुमार, विवेक शर्मा, इंद्र दत्त लखनपाल, सुनील कुमार शर्मा,मंजीत डोगरा, केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, डॉ. मोहन लाल, राम चंद्र पठानिया, कुलदीप पठानिया, नरेश कुमार, संजय भारद्वाज, अजय शर्मा, हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक निगम के अध्यक्ष कर्नल मनीष कुमार, जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर की अध्यक्ष सुमन भारती, वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र वर्मा, सुभाष ढटवालिया और रूबल ठाकुर, मुख्य सचिव केके पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उपायुक्त गंधर्वा राठौर, पुलिस अधीक्षक बलबीर ठाकुर तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
चंबा को नई 15 इलेक्ट्रिक-10 डीजल बसें मिलेंगी
चंबा — उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने चंबा के लिए 15 नई इलेक्ट्रिक और 10 डीजल बसें देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए एचआरटीसी के बेड़े में 1,000 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शनिवार को ऐतिहासिक चौगान में आयोजित 80वें जिलास्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
धर्मशाला में स्थापित होगा पहला रिमोट सेंसिंग केंद्र
धर्मशाला — जिला कांगड़ा के मुख्यालय धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने राष्टीय ध्वज फहराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोडऩे के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। धर्मशाला में करीब 19 करोड़ रुपए की लागत से राज्य का पहला रिमोट सेंसिंग एवं डेमोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसे केंद्र के सहयोग से विकसित किया जाएगा।
शिपकी ला दर्रे से शुरू हो कैलाश मानसरोवर यात्रा
रिकांगपिओ — राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए ध्वजारोहण किया तथा भव्य परेड की सलामी ली। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खु के नेतृत्व में प्रदेश सहित जनजातीय जिलों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री ने ने बताया कि मुख्यमंत्री सुक्खू केंद्र सरकार के समक्ष लगातार मांग कर रहे हैं कि कैलाश मानसरोवर यात्रा शिपकी ला दर्रा होकर आयोजित की जाए।
हर वर्ग के लिए नीतियां बना रही प्रदेश सरकार
कुल्लू — 80वां स्वतंत्रता दिवस कुल्लू में ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में मनाया गया। जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता उद्योग, मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने की। इस दौरान मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार का प्रयास किसानों, बागबानों, पशुपालकों, युवाओं, अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं और एकल महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तिकरण पर केंद्रित है।