शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को कई क्षेत्रों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। राजधानी शिमला समेत कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, बिलासपुर और अन्य जिलों में बारिश हुई। रामपुर उपमंडल के पंद्रह-बीस क्षेत्र में कूट खड्ड में अचानक बाढ़ आने से एक निजी विद्युत परियोजना को नुकसान पहुंचा, जबकि कूट पंचायत के सुरू गांव में पैदल पुल बह जाने से ग्रामीणों का संपर्क कट गया। वहीं, सिरमौर के नाहन उपमंडल में नदी के बीच फंसे दो लोगों को निकालने के लिए प्रशासन ने हेलिकॉप्टर की मदद मांगी गई।
नाहन विकासखंड के बर्मा पापड़ी में मंगलवार को रूण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से करीब 62 वर्षीय बनारसी दास और उन्हें बचाने पहुंचे 32 वर्षीय अंशुल नदी के तेज बहाव के बीच फंस गए। करीब साढ़े चार घंटे चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात करीब 8 बजे वायुसेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर से बनारसी दास को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें सहारनपुर ले जाकर भारतीय सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, बनारसी दास क्षेत्र में भैंसें चरा रहे थे। इस दौरान करीब 3 बजे रूण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे वह नदी के बीच फंस गए। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। इसी बीच बर्मा पापड़ी निवासी और जलशक्ति विभाग में कार्यरत 32 वर्षीय अंशुल बुजुर्ग की मदद के लिए नदी में उतर गए। तेज बहाव के बीच वह भी नदी में फंस गए। करीब 9 बजे जलस्तर कुछ कम होने पर अंशुल स्वयं नदी में कुछ दूरी तक किनारे की ओर आए, जिसके बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। संकट की इस घड़ी में अंशुल के साहस की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। इस दाैरान माैके पर डीसी सिरमाैर प्रियंका वर्मा व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल भी माैजूद रहे।
चायल गांव के कुछ घरों को खतरा पैदा
वहीं कालका-शिमला रेल ट्रैक पर मंगलवार को ट्रेनें नहीं चलीं। खराब मौसम और सुरक्षा कारणों के चलते बुधवार को भी ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा। चंबा में खराब मौसम और धुंध के कारण मणिमहेश यात्रा के लिए भरमौर और होली से गौरीकुंड के बीच हेलिकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही। श्रद्धालुओं को हवाई सेवा का लाभ नहीं मिल सका। निरमंड उपमंडल की बागीपुल-जाओं सड़क पर भारी भूस्खलन से चायल गांव के कुछ घरों को खतरा पैदा हो गया। प्रशासन ने एहतियातन तीन घर खाली करवाकर परिवारों को उनके रिश्तेदारों के घरों में शिफ्ट किया।
60 सड़कें, 11 बिजली ट्रांसफार्मर ठप
प्रदेश में मंगलवार शाम तक 60 सड़कें, 11 बिजली ट्रांसफार्मर और 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। मंडी जिले में भूस्खलन से बंद सड़कों को खोलने का काम जारी रहा। सुबह जिले में 34 सड़कें बंद थीं, जिनमें आठ को दोपहर तक बहाल कर दिया गया। शाम चार बजे तक 26 सड़कें बंद रहीं। राष्ट्रीय राजमार्ग-003 भी रोपड़ू नाला के पास करीब ढाई घंटे प्रभावित रहा। कुन्नू पुल बस ठहराव के पास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा हाईवे पर गिर गया। मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया। मौसम विभाग ने बुधवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को कांगड़ा में 99 मिलीमीटर, धर्मशाला में 43, पांवटा साहिब में 26, नाहन में 25, बिलासपुर में 15 और शिमला में 13 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
चुन्नी के सहारे बाइक सवार को बचाया
चुवाड़ी के ककीरा-कमलाहड़ी मार्ग पर भारी बारिश के बीच तेज बहाव में एक बाइक सवार फंस गया। पानी के तेज बहाव से उसका संतुलन बिगड़ गया। इस दौरान वहां से गुजर रहे टैक्सी चालक ने अपने रिश्तेदारों के साथ उसकी मदद की। टैक्सी चालक के साथ मौजूद नवविवाहिता और उसकी ननद ने चुन्नी के सहारे बाइक सवार को बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते मदद मिलने से बाइक सवार की जान बच गई।