अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें आठ आरोपी बनाए गए हैं। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया है। एसआईटी जांच के लिए 13 जून को बनाई गई थी। 23 जून को इसने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। एफआईआर में में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव (टिन्नू), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडेय के नाम हैं। एफआईआर में चंपत राय का नाम नहीं है। इस बीच खबर आई कि चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने इसे खारिज कर दिया।
इससे पहले सूत्रों से जानकारी सामने आई थी कि एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना था। इनके खिलाफ एफआईआर होना लगभग तय माना जा रहा था। एसआईटी को जांच के दौरान दानपात्रों की चाबियां टिन्नू के पास मिलीं थी। एसआईटी ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया था, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदलाव आया था।
संजय सिंह ने दिए राम मंदिर जमीन घोटाले के सबूत
अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को आप सांसद संजय सिंह ने जमीन घोटाले से जुड़े सबूत दिए। संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ में एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के ऑफिस पहुंचे। वह करीब 12 मिनट कमरे में रुके। संजय सिंह ने बाहर आकर कहा कि राम मंदिर में जमीन घोटाले के 11 कागजात मैंने एसआईटी को सौंपे हैं। उन्होंने कहा किपैसे की बरामदगी हो चुकी है, चढ़ावे में चोरी के तमाम साक्ष्य मिल चुके हैं। फिर भी अब तक कोई जेल क्यों नहीं गया?