Spread the love

शिमला/कुल्लू। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यह एचएच पांच लाख से ज्यादा वाहनों का दबाव झेल रहा है। एक महीने में नेशनल हाइवे से होते हुए 5.25 लाख से अधिक वाहन गुजरे हैं। इन वाहनों में कुल्लू-मनाली जाने वालों की संख्या अधिक है। वहीं, मंडी से लेकर औट तक पांच स्थानों पर आपदा के जख्त अभी भी हरे हैं। यह पांच स्पॉट वन-वे हैं, जो जाम की बड़ी वजह हैं। आंकड़ों के अनुसार 22 मई से 21 जून तक मंडी से होकर पांच लाख 25 हजार 684 वाहन गुजरे हैं, जिससे हाईवे पर यातायात का भारी दबाव बना हुआ है। इनमें दो लाख 68 हजार 798 वाहन कुल्लू-मनाली की ओर रवाना हुए, जबकि दो लाख 57 हजार 66 वाहन चंडीगढ़ की दिशा में गए।

बड़ी संख्या में पर्यटकों के हिमाचल पहुंचने से हाईवे के कई हिस्सों में ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हुई है। आपदा से प्रभावित यह राष्ट्रीय राजमार्ग अभी भी कई स्थानों पर पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है, जिससे यात्रियों को बार-बार जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्राकृतिक आपदाओं और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के कारण कुछ स्थानों पर यातायात की गति और भी धीमी हुई है।

यहां बार-बार टै्रफिक जाम

मंडी के झलोगी टनल क्षेत्र से लेकर औट तक ऐसे पांच संवेदनशील स्थान हैं, जहां पिछले आपदा के दौरान पहाड़ दरकने से मलबा सडक़ तक आ गया था। इन स्थानों पर अभी भी सडक़ पूरी चौड़ाई में बहाल नहीं हो सकी है। सुरक्षा कारणों से इन जगहों पर वाहनों को वन-वे प्रणाली के तहत निकाला जाता है। एक समय में केवल एक दिशा के वाहनों को गुजरने की अनुमति मिलने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जो जाम का प्रमुख कारण बन रही हैं।

30 जवान दिन-रात संभाल रहे यातायात व्यवस्था

एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मंडी पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। मंडी से औट तक हाईवे पर करीब 30 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। ये जवान दिन और रात की शिफ्टों में ट्रैफिक को नियंत्रित करने और जाम की स्थिति से निपटने के लिए लगातार ड्यूटी दे रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से ट्रैफिक कम है। इससे पहले कुल्लू-मनाली की ओर जाने वाले पर्यटकों की संख्या ज्यादा थी।

शिमला में दो महीने में 16 लाख से ज्यादा गाडिय़ों की आवाजाही

ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान लाखों पर्यटकों की आमद के बीच शिमला पुलिस ने उत्कृष्ट यातायात प्रबंधन का नया मानक स्थापित किया है। मई और जून के दौरान जिला शिमला के विभिन्न प्रवेश मार्गों से 16 लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। इनमें मई माह में लगभग 8.5 लाख तथा जून माह में अब तक करीब 7.5 लाख वाहन जिले में प्रवेश कर चुके हैं। पर्यटन सीजन को देखते हुए शिमला पुलिस ने यातायात ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं होमगार्ड कर्मियों की संख्या 136 से बढ़ाकर 220 कर दी है।

इसके अलावा करीब 50 सिविल वालंटियर्स और छात्र स्वयंसेवक भी ट्रैफिक प्रबंधन में सहयोग कर रहे हैं। वहीं, ट्रैफिक बाइक राइडर्स की संख्या सात से बढ़ाकर 32 कर दी गई है, जो संवेदनशील स्थानों पर तत्काल पहुंचकर यातायात बहाली सुनिश्चित कर रहे हैं। शिमला पुलिस द्वारा कुफरी, मशोबरा, नारकंडा, हाटू और अपर शिमला तथा किन्नौर की ओर जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग के उपयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 800 वाहनों को इस वैकल्पिक मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।

पांच सेक्टरों में बंटा शहर

बेहतर निगरानी और प्रभावी नियंत्रण के लिए पूरे शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी एक ग्रेड-वन अधिकारी को सौंपी गई है। वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।

By admin

Leave a Reply