शिमला। केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और आईएनडीआई गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी ने कभी इसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया। जब भाजपा सरकार ने ठोस समाधान प्रस्तुत किया, तब विपक्ष ने विभिन्न बहानों और तकनीकी मुद्दों का सहारा लेकर इस प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करार दिया।
शिमला में रविवार को उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखकर कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है और पिछले एक दशक में जो परिवर्तन देखने को मिला है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने 15 अगस्त 2014 के प्रधानमंत्री के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि लाल किले से शौचालय निर्माण की बात करना एक क्रांतिकारी सोच थी, जिसने महिलाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और सुरक्षा को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया। उज्ज्वला योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई और उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया।