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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने किन्नौर जिले और इसके तीन ब्लॉकों में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कवायद शुरू की है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के अनुसार जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की कार्यकारिणियों का गठन उनकी राय के बगैर किया गया था। अब इन्हें भंग कर दिया गया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि कार्यकारिणियों के गठन में कुछ विसंगतियां थी। इन्हें दूर करने के बाद नई कार्यकारिणियों की घोषणा की जाएगी। जगत सिंह नेगी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी के बीच पिछले कुछ समय से मतभेद सार्वजनिक हो चुके हैं।

निगम भंडारी को किन्नौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने पर मंत्री जगत सिंह नेगी ने खुलकर नाराजगी जताई थी। नेगी ने कहा था कि नियुक्ति से पहले उनकी राय नहीं ली गई। उन्होंने पार्टी के भीतर भाजपा के स्लीपर सेल सक्रिय होने तक का आरोप लगाया था। नेगी ने यह भी सवाल उठाया था कि चुनाव हार चुके लोगों को पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने दोनों नेताओं के बीच समझौता कराने की कोशिश की। पाटिल ने माना था कि वह नेगी और निगम भंडारी के बीच समझौता नहीं करा पाईं।

दिल्ली में वेणुगोपाल से भी मिले थे निगम भंडारी
विवाद के बीच निगम भंडारी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से नई दिल्ली में मुलाकात भी की थी। जुलाई के पहले हफ्ते हुई इस मुलाकात की के दो दिन बाद रिकांगपिओ में निगम भंडारी के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में उन्होंने जगत सिंह नेगी की तारीफ करते हुए कहा था कि नेगी ने किन्नौर में कांग्रेस को मजबूत किया है।

अब नई नियुक्तियों पर रहेगी नजर
अब जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की कार्यकारिणियां भंग होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि नई टीम में किन नेताओं को जगह मिलती है। जगत सिंह नेगी की ओर से पहले ही संगठनात्मक नियुक्तियों में अपनी राय को महत्व देने की मांग सामने आ चुकी है। ऐसे में किन्नौर में नई नियुक्तियां करते समय पार्टी नेतृत्व कांग्रेस नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगा।

By admin

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