चांगो (किन्नौर), 22 जून 2026।उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जिला किन्नौर के चांगो स्थित पंचायत हॉल में एक दिवसीय जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला ‘ई-कॉमर्स रणनीतियां एवं उद्यमिता प्रशिक्षण’, ‘माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइज क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम (MSE-CDP)’ तथा ‘जेम (GeM) एवं सी पी पी (CPP) पोर्टल’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित थी। कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 70 उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के सदस्यों, कारीगरों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर डिजिटल व्यापार और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
स्थानीय उद्यमियों को नई तकनीकों से जोड़ना जरूरी: मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला उद्योग केंद्र (किन्नौर) के महाप्रबंधक श्री गुरु लाल नेगी रहे। इस अवसर पर सुश्री प्रेम कांता तथा श्री राम लाल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अतिथियों ने उद्योग विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा आधुनिक बाजार से जुड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं, जिससे क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
सरकारी योजनाओं और क्लस्टर विकास पर दिया जोर
अपने संबोधन में महाप्रबंधक श्री गुरु लाल नेगी ने प्रतिभागियों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी और व्यापारिक योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME)
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)
मुद्रा ऋण योजना
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के जरिए उद्यमियों को वित्तीय सहायता और बीमा सुरक्षा प्रदान की जा रही है। विशेष रूप से MSE-CDP योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने स्थानीय उद्यमियों को क्लस्टर (समूह) गठन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि क्लस्टर आधारित विकास मॉडल अपनाने से साझा अवसंरचना (common infrastructure), तकनीकी सहयोग और विपणन सुविधाओं का बेहतर लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स से बढ़ेगा व्यापार
‘ई-कॉमर्स रणनीतियां एवं उद्यमिता प्रशिक्षण’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र में विशेषज्ञ सुश्री सुनिधि वर्मा ने डिजिटल युग में व्यवसाय विस्तार के तरीके सिखाए। उन्होंने ऑनलाइन विपणन, सोशल मीडिया ब्रांडिंग, ग्राहक जुड़ाव (customer engagement) और डिजिटल मार्केटिंग के प्रभावी उपयोग पर जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि कैसे सुदूर क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों को भी डिजिटल माध्यमों से देश-विदेश के बड़े बाजारों तक पहुँचाया जा सकता है।
GeM पोर्टल से खुलेगा सरकारी खरीद का रास्ता
‘जेम (GeM) एवं सी पी पी (CPP) पोर्टल’ पर सत्र लेते हुए श्री सर्वेश शर्मा ने प्रतिभागियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने GeM पोर्टल पर विक्रेता पंजीकरण, उत्पाद सूचीकरण (listing) और निविदा (tender) प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि यह पोर्टल MSMEs, स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स को देश भर के सरकारी विभागों में सीधे व्यापार करने का अवसर देता है।
शंकाओं का समाधान और सफल समापन
कार्यशाला के अंतिम चरण में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जहाँ प्रतिभागियों ने क्लस्टर विकास, ई-कॉमर्स और GeM पोर्टल से जुड़े अपने सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन करने की मांग की।
कार्यक्रम का सफल समन्वयन राज सुदर्शन द्वारा किया गया। यह कार्यशाला चांगो और आसपास के क्षेत्रों में उद्यमिता तथा औद्योगिक विकास को एक नई गति देने में मील का पत्थर साबित होगी।