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ऊना। देश की सुरक्षा के लिए समर्पित भारतीय नौसेना के वीर अधिकारी लै.कमांडर सूरज पराशर को उनकी असाधारण वीरता और कत्र्तव्यनिष्ठा के लिए देश के प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस उपलब्धि से हिमाचल प्रदेश के ऊना और पंजाब के नंगल क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। मूलत: ऊना जिला के चढ़तगढ़ गांव व वर्तमान में नंगल रेलवे रोड कालोनी के निवासी जांबाज लै.कमांडर सूरज पराशर को यह सम्मान दिया गया। गौरतलब है कि छह नवंबर, 2024 को लै.कमांडर सूरज पराशर व उनकी टीम को जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में एक संयुक्त घेराबंदी एवं सर्च अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अभियान के दौरान एक घर में छिपे आतंकवादियों को घेर लिया गया।

इसी दौरान एक आतंकवादी ने सुरक्षा बलों की घेराबंदी तोडक़र भागने का प्रयास किया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लै.कमांडर सूरज पराशर ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए वहां छिपे दूसरे आतंकवादी को सटीक निशाना बनाया और अपने साथी जवानों को समय रहते आवश्यक सूचना भी दी। उनके त्वरित निर्णय और उठाए गए कदम के परिणामस्वरूप सुरक्षा बलों ने दोनों आतंकवादियों को मार गिराया तथा अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सामान्य परिस्थितियों से हटकर दिखाई गई वीरता, सूझबूझ और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित करने का निर्णय लिया। सूरज पराशर का परिवार लंबे समय से नंगल की रेलवे रोड कॉलोनी में निवास करता है।

By admin

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