उदयपुर। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति की खूबसूरत लेकिन दुर्गम मयाड़ घाटी में गुरुवार की सुबह एक हृदय विदारक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के केलांग डिपो के एक परिचालक, ज्ञान सिंह, की एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब बस अपने गंतव्य तक न पहुंच पाने के कारण वापस लौट रही थी।हादसे का विवरण: जानकारी के अनुसार, एचआरटीसी की बस बुधवार को उदयपुर से मयाड़ घाटी के खंजर रूट के लिए रवाना हुई थी। हालांकि, रास्ते में मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण बस करपट से आगे नहीं बढ़ सकी। गुरुवार की सुबह बस वापस उदयपुर की ओर लौट रही थी। इसी दौरान, धोंदल नाला के पास सुबह लगभग 7:10 बजे, परिचालक ज्ञान सिंह नाले के समीप हाथ-मुंह धो रहे थे। अचानक पहाड़ी से गिरे एक बड़े पत्थर ने उनके सिर पर इतनी जोर से चोट पहुंचाई कि उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि: मृतक की पहचान मंडी जिले की लाड़भरोल तहसील के पंजालाग गांव निवासी ज्ञान सिंह के रूप में हुई है। उनका निधन क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गया है।
घटना की सूचना और बचाव कार्य: इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही बस चालक और स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस थाना उदयपुर को सूचित किया। पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। शव को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल केलांग भेज दिया गया है। सीएमओ केलांग का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे डॉ. मनोज कुमार गांधी ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
विधायक ने व्यक्त किया शोक, सहायता के निर्देश: लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने इस घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एचआरटीसी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करें। विधायक ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना की।
यह घटना मयाड़ घाटी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सुरक्षा की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है। मार्ग की स्थिति और अचानक होने वाली प्राकृतिक आपदाएं यात्रियों और कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।